22 अप्रैल
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रति एकजुटता और समर्थन के स्वर मुखर हुए हैं। भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो काउचीनो ने इस अवसर पर हमले में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े रहने की बात कही।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस दुखद घटना को एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन उस दिन खोई गई निर्दोष जिंदगियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अर्जेंटीना सरकार और वहां की जनता की ओर से उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा की और भारत के प्रति समर्थन दोहराया।
इस बीच, यूरोपीय संघ के 27 देशों ने भी इस हमले की बरसी पर भारत के प्रति अपनी एकजुटता जताई है। संगठन ने इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना आवश्यक है।
यूरोपीय संघ ने अपने बयान में पीड़ितों और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान इजराइल, अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों के दूतावासों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों को उनके धर्म के आधार पर पहचान कर गोलीबारी की थी। इस हमले में 26 निहत्थे लोगों की जान गई थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय घुड़सवार शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने का प्रयास किया था।
इस हमले के जवाब में भारत ने 7-8 मई की रात पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सुनियोजित कार्रवाई की थी, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। इस पूरे अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया था, जिसमें आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाते हुए आम नागरिकों को न्यूनतम क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया।
भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति शून्य सहिष्णुता की है और किसी भी रूप में इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।



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