लखनऊ, 28 मार्च।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण करेंगे और मेंटिनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास भी करेंगे।
नोएडा एयरपोर्ट को भारत सरकार से मई 2018 में स्वीकृति मिली थी। यह परियोजना चार चरणों में विकसित की जा रही है और कुल लागत 29,560 करोड़ रुपये है। फेज-1 पर 6,876 करोड़ रुपये कंसेशनायर और 4,406 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण में खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 12 मिलियन पैसेंजर प्रति वर्ष की प्रारंभिक क्षमता विकसित की जाएगी।
प्रदेश सरकार के अनुसार, यह एयरपोर्ट एक अत्याधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब होगा, जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय ट्रांजिट सिस्टम का सहज एकीकरण होगा। मल्टी-मोडल कार्गो हब की शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना होगी, जिसे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकेगा। एमआरओ सुविधा से विमानों का मेंटिनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग देश में ही संभव होगी, जिससे एविएशन सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
उद्घाटन समारोह के लिए पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पूरे क्षेत्र को पांच स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। 200 से अधिक डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं, महिलाओं के लिए अलग चेकिंग एन्क्लोजर बनाए गए हैं और करीब 5000 पुलिस अधिकारी, पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ तैनात किए गए हैं।
एंटी-ड्रोन, बीडीडीएस, स्निफर डॉग और क्विक रिएक्शन टीम्स द्वारा निगरानी रखी जा रही है। आईबी और स्टेट इंटेलिजेंस यूनिट्स के साथ रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन स्थापित है। सीसीटीवी निगरानी और पुलिस हेल्प डेस्क आम जनता की सुविधा के लिए तैयार किए गए हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य नेता कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।












