याउंडे, 15 अप्रैल
कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो ने बुधवार को कहा कि वर्तमान समय में विश्व को शांति और सहअस्तित्व का संदेश सुनने की आवश्यकता है। यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह दूसरी बार सोशल मीडिया के माध्यम से उन पर तीखी टिप्पणी की। अल्जीरिया से कैमरून की यात्रा के दौरान विमान में बातचीत करते हुए पोप ने सभी समुदायों के प्रति सम्मान और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग मान्यताओं, पूजा पद्धतियों और जीवनशैलियों के बावजूद लोग एक साथ शांतिपूर्वक रह सकते हैं। अल्जीरिया में बिताए अपने समय का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वहां कैथोलिक समुदाय अल्पसंख्यक है, फिर भी विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और आपसी समझ का महत्व स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर अपनाने योग्य संदेश बताया।
हाल के दिनों में पोप लियो ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर भी खुलकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने संकेत दिया कि वे इस विषय पर अपनी राय आगे भी रखते रहेंगे। हालांकि यात्रा के दौरान उन्होंने ट्रंप या अन्य अमेरिकी नेताओं की टिप्पणियों पर सीधे प्रतिक्रिया नहीं दी।
पोप ने अपने आध्यात्मिक प्रेरणास्रोत सेंट ऑगस्टीन के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भिन्नताओं के बावजूद सभी लोगों के बीच एकता और सम्मान की भावना विकसित करना आवश्यक है। कैमरून पहुंचने के बाद वे वहां के राष्ट्रपति पॉल बिया से मुलाकात करेंगे और राष्ट्रीय नेताओं को संबोधित करेंगे।
इस दौरान देश के अंग्रेजी भाषी क्षेत्रों में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की अपील करने की भी संभावना है। उनकी यात्रा के मद्देनजर अलगाववादी समूहों ने कुछ दिनों के लिए सुरक्षित आवागमन की घोषणा की है। लगभग 18 हजार किलोमीटर की इस विस्तृत यात्रा में वे कई शहरों का दौरा करेंगे और कैमरून के डौआला में होने वाले बड़े धार्मिक आयोजन में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।









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