लखनऊ, 13 मई।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह अचानक निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर फैल गई। मुख्यमंत्री सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव वर्तमान में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और राजनीतिक रूप से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं। घटना के समय वे बाहर थीं और बाद में आवास पहुंचीं। उनका अंतिम संस्कार लखनऊ में ही किया जाएगा।
परिवार के अनुसार, लगभग सुबह छह बजे प्रतीक यादव किचन में अचानक गिर पड़े, जिसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जहां विशेषज्ञों की टीम ने जांच की और विसरा सुरक्षित रख लिया गया।
प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव तथा उनकी दूसरी पत्नी स्वर्गीय साधना गुप्ता के पुत्र थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही लखनऊ से लेकर सैफई तक शोक का माहौल बन गया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तत्काल पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पूरी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रतीक को प्रतिभाशाली बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने अलग क्षेत्र में पहचान बनाई थी और यदि परिवार किसी जांच की मांग करता है तो उसे पूरा किया जाना चाहिए।
पोस्टमार्टम के दौरान करीब छह चिकित्सकों की टीम ने जांच की, जिसके बाद रिपोर्ट में मौत का कारण फेफड़ों में खून का थक्का बनना बताया गया, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। चिकित्सकों के अनुसार हृदय के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव पाया गया और किसी प्रकार के जहर की पुष्टि नहीं हुई।
इस घटना के बाद राजनीतिक दलों के कई नेता उनके आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी सहित विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद और विधायक लगातार आवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करते रहे। अंतिम संस्कार अगले दिन दोपहर साढ़े बारह बजे लखनऊ के पिपराघाट पर किया जाएगा।
स्थानीय समाजवादी पार्टी के विधायक ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए जांच आवश्यक है, हालांकि परिवार की ओर से फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। बताया गया कि हाल ही में प्रतीक फेफड़ों की समस्या के कारण एक निजी अस्पताल में भर्ती भी रहे थे।
व्यक्तिगत जीवन में प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के बीच पहले से कुछ मतभेदों की चर्चाएं भी समय-समय पर सामने आती रही थीं, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई थी। अपर्णा यादव पहले समाजवादी पार्टी से जुड़ी थीं और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं।
प्रतीक यादव ने राजनीतिक जीवन से दूरी बनाकर व्यवसाय को चुना था। उन्होंने लखनऊ में एक बड़ा फिटनेस सेंटर स्थापित किया और रियल एस्टेट क्षेत्र में भी निवेश किया। वे पशु प्रेमी थे और गौशाला जाकर सेवा कार्यों में भी भाग लेते थे। उन्होंने एक सामाजिक संस्था भी संचालित की थी।
परिवारिक पृष्ठभूमि में प्रतीक और अपर्णा की मित्रता स्कूल के दिनों से शुरू हुई थी, जो आगे चलकर विवाह में बदल गई। दोनों का विवाह वर्ष 2011 में सैफई में भव्य रूप से संपन्न हुआ था, जिसमें अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं।
प्रतीक और अखिलेश यादव के संबंध हमेशा सौहार्दपूर्ण रहे और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पारिवारिक गरिमा बनी रही। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद भी परिवार में आपसी संबंधों में दूरी नहीं आई और दोनों भाई एक-दूसरे के साथ जुड़े रहे।




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