नई दिल्ली, 05 मई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्य, परिश्रम और दृढ़ता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया है। उन्होंने कहा कि अथक मेहनत और सत्य के मार्ग पर चलकर प्राप्त की गई सफलता स्थायी होती है, जो आत्मविश्वास के साथ-साथ मन में गहरा संतोष भी प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित का उल्लेख करते हुए इसके भावार्थ को भी साझा किया। इस सुभाषित में कहा गया है कि विजय की इच्छा रखने वाले लोग केवल बल और पराक्रम से नहीं, बल्कि सत्य, दया, धर्म और निरंतर प्रयास के माध्यम से सफलता प्राप्त करते हैं।
उन्होंने यह संदेश सामाजिक मंच पर साझा करते हुए जीवन में नैतिक मूल्यों और सतत प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए इस विचार में यह संदेश निहित है कि स्थायी सफलता केवल शक्ति से नहीं, बल्कि सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलकर ही प्राप्त की जा सकती है।





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