शिमला, 05 मई।
सीमा सड़क संगठन ने 04 मई 2026 को हिमाचल प्रदेश के शिमला में अपनी महत्वपूर्ण परियोजना दीपक का 66वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया, जो पश्चिमी हिमालय के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में छह दशक से अधिक की समर्पित सेवा का प्रतीक है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला, किन्नौर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे प्रमुख जिलों में सक्रिय यह परियोजना संगठन की सबसे पुरानी परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। इसने ऐतिहासिक हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग के निर्माण और मनाली-लेह के महत्वपूर्ण हिस्सों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है।
रणनीतिक सड़क नेटवर्क के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव में इस परियोजना ने उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिससे दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क सुदृढ़ हुआ है और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी मजबूती मिली है।
बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ इस परियोजना ने आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कई सफल बचाव अभियान संचालित किए गए, जिनमें सैकड़ों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
वर्ष 2023 में बारालाचा दर्रे पर फंसे लगभग तीन सौ वाहनों के चालकों को सुरक्षित निकाला गया था, वहीं एक अन्य उच्च पर्वतीय अभियान में चंद्रताल क्षेत्र से दो सौ पचास से अधिक नागरिकों का सफल रेस्क्यू किया गया।
वर्ष 1961 में स्थापित यह परियोजना देश के सबसे कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के निर्माण में लगातार योगदान देती रही है। इसने ऊंचाई वाले रणनीतिक क्षेत्रों और सीमावर्ती सड़कों सहित लगभग ग्यारह सौ किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क का प्रबंधन संभाला है।
इस परियोजना ने रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई है तथा दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था बनाए रखने के साथ सैन्य परिचालन क्षमता को निरंतर समर्थन प्रदान किया है।






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