नई दिल्ली, 27 मार्च 2026।
राष्ट्रीय जनता दल के सांसदों ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में मकर द्वार के पास विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने बिहार में आरक्षण का दायरा 65 प्रतिशत से बढ़ाकर 85 प्रतिशत करने, 2023 के जातीय सर्वेक्षण के अनुसार बढ़े आरक्षण कोटे को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने और एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की मांग की।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व सांसद मीसा भारती ने किया। उनके साथ संजय यादव, अभय कुशवाहा, अनिल कुमार यादव और अन्य राजद सांसद भी उपस्थित रहे। सांसद मीसा भारती ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के बावजूद देश में इन संसाधनों की उपलब्धता आसान नहीं है, और एलपीजी, पेट्रोल व डीजल के लिए लंबी कतारें आम बात बन गई हैं।
सांसद संजय यादव ने बिहार में 2022 में महागठबंधन सरकार के दौरान हुए सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसके आधार पर बिहार में जाति आधारित आरक्षण सीमा 75 प्रतिशत निर्धारित की गई थी, जिसमें 65 प्रतिशत दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों के लिए आरक्षित था। बिहार कैबिनेट ने इसे संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की राजग सरकार का रवैया दलित, ओबीसी और आदिवासी विरोधी है।
सांसद अभय कुशवाहा ने प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम एशिया संघर्ष पर सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक बुलाने का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसी चर्चाओं से राज्यों और नागरिकों को स्थिति की सही जानकारी मिलनी चाहिए, जिससे संभावित संकट के प्रभाव को कम किया जा सके।












