रीवा, 02 मई।
मध्यप्रदेश के रीवा जिले के चाकघाट थाना परिसर में एक युवक ने पूछताछ के दौरान थाने के भीतर ही जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना पुलिस सुरक्षा और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के लिए काफी महत्वपूर्ण बन गई है।
जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय पुष्पराज मांझी, जो ग्राम सेंगरवार सतपुड़ा का निवासी है, को पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर थाने बुलाया था। आरोप था कि युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका से संपर्क बनाए रखने और आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी थी।
घटना के बाद युवक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें यह कहा गया कि युवक पर पूछताछ के दौरान दबाव डाला गया और रिश्वत की भी मांग की गई थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
थाना प्रभारी बालकेश सिंह ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि युवक को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था और किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने थाने की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि युवक जहरीला पदार्थ लेकर थाने में कैसे पहुंचा। क्या सुरक्षा जांच में कोई चूक हुई या प्रोटोकॉल का पालन सही तरीके से नहीं किया गया? विशेषज्ञों का मानना है कि थानों में आने वाले हर व्यक्ति की तलाशी और निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह मामला सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूछताछ के दौरान मानसिक दबाव और मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता को भी उजागर करता है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।











