धर्मशाला, 30 अप्रैल।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि संगठन को सशक्त बनाने के लिए नेताओं को वीआईपी संस्कृति से दूर होकर सीधे आम जनता से संवाद स्थापित करना होगा। उन्होंने कांग्रेस के जिलाध्यक्षों से अपील की कि वे जमीनी मुद्दों को प्राथमिकता दें और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का कार्य करें।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा बनाए जा रहे नैरेटिव का प्रभावी जवाब मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह बात कांगड़ा में आयोजित हिमाचल प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के 80 कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर कही। इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने, जनता से जुड़ाव बढ़ाने और पार्टी विस्तार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
साढ़े चार घंटे चले प्रशिक्षण सत्र में राहुल गांधी ने संगठन निर्माण, मीडिया प्रबंधन, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग और विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने की रणनीति पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने जिलाध्यक्षों के साथ भोजन भी किया और दोपहर बाद करीब सवा दो बजे कांगड़ा से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
कांग्रेस का यह 10 दिवसीय संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आयोजित किया गया था, जिसमें तीन राज्यों के 80 जिलाध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया गया। इससे पहले सुबह राहुल गांधी कांगड़ा एयरपोर्ट पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वे गुप्त गंगा स्थित शिविर स्थल पहुंचे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि राहुल गांधी के संबोधन से संगठन पदाधिकारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और यह शिविर भविष्य में संगठन को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी देशभर में संगठन सृजन अभियान के तहत प्रशिक्षण दे रहे हैं।



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