नई दिल्ली, 30 अप्रैल।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से कार्यबल विस्तार और सुधारों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा मानव संसाधन क्षमता बढ़ाने, परिचालन दक्षता में सुधार और शासन आधारित बदलावों के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
बैंकिंग क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) के माध्यम से संचालित की जाती है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होती है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 50,552 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जो पिछले वर्ष 37,860 की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत अधिक है। इससे पूर्व 2023-24 में यह संख्या 30,827 थी।
इस बढ़ी हुई भर्ती से बैंकों की कार्य संचालन क्षमता में वृद्धि होगी और कर्मचारियों पर कार्यभार कम होगा, जिससे ग्राहक सेवा, प्रतिक्रिया समय और बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की संभावना है।
नई नियुक्तियों से दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होने की उम्मीद है, जिससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और ऋण उपलब्धता आसान होगी, जो आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी।
सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पर्याप्त, कुशल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधनों से सुसज्जित करना है, ताकि ये बैंक देश के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल सकें।






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