नई दिल्ली, 29 अप्रैल।
जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में अब वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार जम्मू तवी तक किया जा रहा है, जिसे कल रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह ट्रेन, जो अब तक श्रीनगर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच संचालित होती थी, अब सीधे जम्मू तवी तक चलेगी, जिससे देश की सबसे आधुनिक ट्रेन राज्य के सबसे बड़े शहर और प्रमुख रेलवे केंद्र तक पहुंच जाएगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार यात्रियों की बढ़ती मांग और ट्रेन की लोकप्रियता को देखते हुए इसमें बड़ा बदलाव किया गया है। वंदे भारत एक्सप्रेस को आठ कोच से बढ़ाकर बीस कोच कर दिया गया है, जिससे यात्रियों की बैठने की क्षमता में दोगुने से अधिक वृद्धि हो गई है और वेटिंग लिस्ट का दबाव भी काफी हद तक कम होगा।
रेल मंत्री झंडी दिखाने के बाद उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत निर्मित अंजी ब्रिज और चिनाब रेल ब्रिज का भी निरीक्षण करेंगे, जिन्हें विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग उपलब्धि माना जा रहा है।
विस्तारित जम्मू तवी–श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवाएं दो मई से शुरू होंगी। इस मार्ग पर दो जोड़ी ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जो लगभग दो सौ छियासठ किलोमीटर की दूरी तय करेंगी, जिससे यात्रियों को सुबह और दोपहर दोनों समय यात्रा का विकल्प मिलेगा।
इस विस्तार से वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं, पर्यटकों, व्यापारियों और स्थानीय यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि अब कटरा में ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं रहेगी और जम्मू तवी से श्रीनगर तक निर्बाध यात्रा संभव होगी।
सर्दियों में जब जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बर्फबारी के कारण बंद हो जाता है, तब यह ट्रेन एक सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प के रूप में कार्य करेगी। अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह वंदे भारत एक्सप्रेस शून्य से बीस डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी सुचारू रूप से चलने में सक्षम है।
इस परियोजना से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और व्यापार को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है, जिससे कश्मीर के हस्तशिल्प, फल और अन्य उत्पादों के व्यापार में वृद्धि होगी और पर्यटकों को तेज एवं बेहतर यात्रा सुविधा प्राप्त होगी।
उल्लेखनीय है कि इस रेल परियोजना के तहत दो सौ बहत्तर किलोमीटर लंबी रेल लाइन, छत्तीस सुरंगें और नौ सौ तैंतालीस पुल बनाए गए हैं, जिनमें चिनाब रेल ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज माना जाता है और यह विस्तार जम्मू-कश्मीर में रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।











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