नई दिल्ली, 29 अप्रैल
अयोध्या और मुंबई के बीच शुरू की गई नई अमृत भारत एक्सप्रेस को आम यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण और किफायती रेल सुविधा के रूप में देखा जा रहा है, जो विशेष रूप से गैर वातानुकूलित श्रेणी में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा और तेज यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
इस ट्रेन में आधुनिक तकनीक और यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई सुधार किए गए हैं, जिससे सामान्य श्रेणी में यात्रा का अनुभव पहले की तुलना में अधिक आरामदायक और सुविधाजनक हो गया है।
इस सेवा में पुश-पुल तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसके कारण दोनों सिरों पर इंजन लगाए जाने से गति और समय पालन में सुधार होता है। कोचों में प्रकाश व्यवस्था के लिए एलईडी लाइट, मोबाइल चार्जिंग सुविधा और बेहतर वायु संचार की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए कोचों में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और उन्नत ब्रेकिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों की यात्रा अधिक सुरक्षित बनती है।
यह ट्रेन पूरी तरह गैर वातानुकूलित श्रेणी की है, जिससे इसका किराया सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के बराबर या उससे थोड़ा अधिक रखा गया है। लंबी दूरी के इस मार्ग पर भी यह सेवा यात्रियों के बजट के भीतर यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराती है।
इस नई व्यवस्था से उन यात्रियों को भी राहत मिली है, जो पहले अधिक किराए के कारण लंबी दूरी की यात्रा करने से बचते थे। कम किराया, बेहतर सीटिंग व्यवस्था और तेज गति के कारण यात्रा अधिक सहज और समयबद्ध हो गई है।
यह सेवा अन्य ट्रेनों में भीड़ को कम करने में भी सहायक होगी, जिससे पूरे रेल नेटवर्क पर दबाव घटने की संभावना है।
अयोध्या से सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सतना, जबलपुर, इटारसी, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे के रास्ते यह ट्रेन लगभग अट्ठाईस घंटे में मुंबई पहुंचती है, जिससे धार्मिक और आर्थिक दोनों प्रकार के यात्रियों को सुविधा मिलती है।
इस सेवा से काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या स्थित राम मंदिर और शिरडी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान हो गई है।
यात्रियों का कहना है कि पहले लंबी दूरी का सफर महंगा और कठिन लगता था, लेकिन अब कम खर्च में बेहतर सुविधा मिलने से बड़ी राहत मिली है।
रेलवे के अनुसार इस सेवा के जुड़ने से अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़कर छियासठ हो गई है, जिससे देश में रेल कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है और पर्यटन व व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।









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