कोलकाता, 29 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत बुधवार को मतदान प्रक्रिया प्रारंभ हो गई। इस चरण में तृणमूल कांग्रेस का सामना भारतीय जनता पार्टी, वाम दलों और कांग्रेस से हो रहा है। सात जिलों की कुल 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें पिछली बार 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने 123 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मतदान शुरू होते ही उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखा क्षेत्र से मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप सामने आए हैं।
मिनाखा विधानसभा क्षेत्र में आरोप लगाया गया कि कुछ मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक न जाने की चेतावनी दी गई। स्थानीय स्तर पर एक तृणमूल नेता पर मतदाताओं को बूथ से दूर रहने के लिए कहने का आरोप लगा है। वहीं आईएसएफ ने दावा किया कि अल्पसंख्यक मतदाताओं से जुड़े मुद्दों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। दूसरी ओर बारासात में भाजपा के बूथ एजेंटों को धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। यहां एक एजेंट की फाइल छीनने का आरोप भी लगाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक नदिया जिले के चापड़ा क्षेत्र में भाजपा के एक बूथ एजेंट पर हमला कर उसका सिर फोड़ने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार बूथ संख्या 53 पर एजेंट के साथ मारपीट की गई और उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए भेजा गया। इन आरोपों को तृणमूल कांग्रेस ने खारिज कर दिया है।
भांगड़ से आईएसएफ उम्मीदवार नौशाद सिद्दीकी ने दावा किया कि मतदान से एक दिन पहले लोगों को घर-घर जाकर डराया गया और उनके समर्थकों पर हमला भी किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव पूर्व तृणमूल कार्यकर्ता मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सक्रिय थे और इसी दौरान उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। उधर विजयगंज के कोचपुर इलाके में एक महिला सहित चार लोगों के घायल होने की खबर है।
मतदान से पूर्व की रात दक्षिण 24 परगना के जीबनतला क्षेत्र के कालीकटाला में एक भाजपा कार्यकर्ता के घर जाकर धमकी देने का आरोप भी सामने आया है। भाजपा के अनुसार 10 से 12 लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। इस मामले में चुनाव आयोग द्वारा कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी मिली है।






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