कोलकाता, 29 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए बुधवार सुबह सात बजे से मतदान प्रक्रिया कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच प्रारंभ हो गई। निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन तंत्र ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इस चरण में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की कुल 2,343 कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही पहली बार राष्ट्रीय जांच एजेंसी को भी निगरानी व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है।
पूरी चुनावी प्रक्रिया की निगरानी कोलकाता में स्थापित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की जा रही है, जिसे सात क्लस्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्लस्टर की जिम्मेदारी एक-एक नोडल अधिकारी को सौंपी गई है।
सभी मतदान केंद्रों के आसपास सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है और उनकी लाइव फीड सीधे नियंत्रण कक्ष तक पहुंच रही है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय बलों का नियंत्रण तंत्र राज्य और जिला स्तर के चुनाव अधिकारियों से भी जुड़ा हुआ है, जिससे समन्वय और निगरानी प्रणाली को मजबूती मिली है।
सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए छह हजार से अधिक क्विक रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में बख्तरबंद वाहनों के माध्यम से लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
आंकड़ों के अनुसार, कोलकाता पुलिस क्षेत्र में सबसे अधिक 274 कंपनियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पूर्व बर्दवान और हुगली ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में केंद्रीय बल तैनात हैं। हावड़ा, डायमंड हार्बर, बैरकपुर, बारासात और सुंदरबन सहित कई पुलिस जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
चुनाव प्रक्रिया पर निगरानी के लिए 142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। गड़बड़ी की आशंका वाले इलाकों में विशेष निगरानी की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी को दी गई है, जिसकी टीम पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच चुकी है।
इस चरण में राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। कुल 1,448 उम्मीदवारों का भविष्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में दर्ज हो रहा है।






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