निर्माण विभाग से जुड़े एक विभाग में नए साहब के लिए कुर्सी कम, कांटों का ताज ज्यादा साबित हो रही है। जैसे ही उन्होंने जिम्मेदारी संभाली, पुराने फैसलों की जांच और अदालतों की तारीखें भी…
निर्माण विभाग से जुड़े एक विभाग में नए साहब के लिए कुर्सी कम, कांटों का ताज ज्यादा साबित हो रही है। जैसे ही उन्होंने जिम्मेदारी संभाली, पुराने फैसलों की जांच और अदालतों की तारीखें भी साथ में विरासत में मिल गईं। साहब अब अपने करीबियों से यही कहते सुने जाते हैं—“घपले किसी और ने किए और पेशी हमारी लग रही है।” मंत्रालय में लोग भी मुस्कुरा कर कहते हैं, कुर्सी बदलते ही जिम्मेदारी भी ट्रांसफर हो जाती है।