नई दिल्ली, 20 मार्च
रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2,929.05 करोड़ रुपये के एसबीआई फ्रॉड मामले में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को करीब सात घंटे तक पूछताछ की। इससे पहले गुरुवार को भी उनसे लंबी पूछताछ की गई थी, जो पूरी नहीं हो सकी थी।
यह मामला भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल अंबानी और अन्य अज्ञात लोक सेवकों पर बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाने का आरोप है। जांच के अनुसार, 2013 से 2017 के बीच लोन की राशि का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया और समूह की कंपनियों के बीच जटिल लेन-देन के जरिए फंड का डायवर्जन हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में एसबीआई को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल एक्सपोजर 19,694.33 करोड़ रुपये रहा। इस कंसोर्टियम में कई प्रमुख बैंक शामिल थे।
मामले के दर्ज होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंकों की ओर से भी अलग-अलग शिकायतें सामने आईं, जिनके आधार पर अतिरिक्त केस दर्ज किए गए। इससे पहले अगस्त 2025 में मुंबई स्थित परिसरों पर छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए थे।











