भोपाल, 8 जून।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल निर्यात क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रही है। पिछले चार वर्षों में जिले के निर्यात कारोबार में 118 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे भोपाल प्रदेश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में तेजी से उभरकर सामने आया है।
जिला निर्यात कार्य योजना के अंतर्गत किए गए आकलन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में भोपाल का कुल निर्यात 1,062.89 करोड़ रुपये था, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,323.58 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस उपलब्धि पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिला प्रशासन, उद्योग जगत और निर्यातकों को बधाई देते हुए इसे सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि यह वृद्धि जिले की औद्योगिक क्षमता के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भोपाल की बढ़ती पहचान को भी दर्शाती है। विशेष रूप से कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। वर्ष 2021-22 में जहां इस श्रेणी का निर्यात लगभग 138 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 820 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
भोपाल से निर्यात होने वाले केले, सोयाबीन मील, बासमती चावल और अंगूर जैसे उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत स्थान बनाया है। इसके साथ ही इंजीनियरिंग उत्पादों और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े सामानों की वैश्विक मांग भी लगातार बढ़ रही है। पावर ट्रांसफार्मर, टरबाइन, जनरेटर के पुर्जे और अन्य विद्युत उपकरणों के निर्यात ने जिले को प्रमुख औद्योगिक केंद्रों की श्रेणी में स्थापित किया है।
कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान में भोपाल से इराक, फ्रांस, केन्या, बांग्लादेश, नेपाल, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, उज्बेकिस्तान और मिस्र सहित कई देशों को उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है। निर्यात बाजारों की यह विविधता जिले की आर्थिक मजबूती और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और सशक्त बना रही है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, एमएसएमई विभाग, एमपीआईडीसी और विदेश व्यापार से जुड़ी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से स्थानीय उद्योगों को नए बाजारों तक पहुंच दिलाई जा रही है। लक्ष्य भोपाल को देश के अग्रणी निर्यात हब के रूप में स्थापित करना है।
















