राजोद, 09 जून।
मध्य प्रदेश के धार जिले के ग्राम जामपाड़ा में एक महिला विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई आदिवासी पंचायत खूनी संघर्ष में बदल गई। इस हिंसक झड़प के दौरान दो मासूम बहनों को पानी के होद में डुबोकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम और आक्रोश का माहौल है।
विवाद ग्राम हनुमंतिया के सरपंच द्वारा एक महिला को साथ रखने को लेकर था। मामले के निपटारे के लिए ग्राम पटलावदिया से ससुराल पक्ष और रिश्तेदार जामपाड़ा पहुंचे थे। गांव के क्रिकेट मैदान में बुलाई गई इस समझौता बैठक में दोनों पक्ष के लोग जुटे थे, लेकिन वार्ता विफल रही।
सहमति न बनने पर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि महिला पक्ष के समर्थकों ने गांव में घुसकर हमला कर दिया। इस दौरान तलवार जैसे हथियारों के इस्तेमाल और फायरिंग से गांव में अफरा-तफरी मच गई।
इसी आपाधापी का फायदा उठाकर हमलावर दिनेश कटारा की चार वर्षीय बेटी ऋषिका और पांच वर्षीय बेटी शिवानी को उठा ले गए। उन्होंने दोनों बच्चियों को पानी के होद में डूबोकर मार डाला। वारदात के बाद उपद्रवी वाहनों में तोड़फोड़ कर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर राजोद थाना पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक बच्चियों की जान जा चुकी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 21 लोगों को हिरासत में लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया है। फिलहाल गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
















