पौड़ी गढ़वाल, 11 जून।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए अब सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में, सामाजिक कार्यकर्ता राकेश गौरशाली ने जंगली जानवरों के हमलों से बचाव के लिए ग्रामीणों को शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। गुरुवार को उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।
दहशत में ग्रामीण, सुरक्षा की उठाई मांग: ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि पौड़ी जिले के ग्रामीण इलाकों में गुलदार (तेंदुआ), भालू और अन्य हिंसक वन्यजीवों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। राकेश गौरशाली ने तर्क दिया कि ऐसी विषम परिस्थितियों में आत्मरक्षा और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शस्त्र लाइसेंस की आवश्यकता अनिवार्य हो गई है।
जटिल प्रक्रिया में ढील की मांग: सामाजिक कार्यकर्ता ने वर्तमान में शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को बेहद जटिल बताते हुए इसमें सुधार करने का आग्रह किया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि संकटग्रस्त इलाकों में रहने वाले ग्रामीण आसानी से आत्मरक्षा के लिए लाइसेंस प्राप्त कर सकें। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से इस दिशा में संवेदनशील निर्णय लेने की अपेक्षा की गई है ताकि वन्यजीवों के बढ़ते खतरों के बीच लोगों की जान बचाई जा सके।















