नई दिल्ली, 11 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि को केवल आय का जरिया नहीं, बल्कि राष्ट्र के भरण-पोषण का आधार बताया है। उन्होंने कहा कि देश के किसान भाई-बहनों की दिन-रात की मेहनत से उपजा अन्न ही करोड़ों लोगों का जीवन संवारता है।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत श्लोक के जरिए इस बात पर जोर दिया कि फसलें और खेती ही मानव जीवन की असली आधारशिला हैं। जो लोग इस सत्य को पहचानते हैं, वे कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के साथ ही समाज की सेवा में अहम योगदान देते हैं।
सोशल मीडिया पर अपने संदेश में उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में खेती को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति और आत्मनिर्भरता के लिए कृषि क्षेत्र का मजबूत होना अनिवार्य है।
मोदी ने 'किसान समृद्धि के 12 साल' का जिक्र करते हुए देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अन्नदाताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का सम्मान और उनका विकास ही देश की उन्नति का सबसे बड़ा आधार है।










