नई दिल्ली, 11 जून।
केंद्र सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ईथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह छूट पेट्रोल के ई22, ई25, ई27 और ई30 संस्करणों पर लागू होगी, यानी अब इन मिश्रणों वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 'शून्य' रहेगा।
सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। इस छूट का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को ईथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के प्रति आकर्षित करना है ताकि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके। उल्लेखनीय है कि सरकार ने इससे पहले मार्च में भी वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने को सालाना एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व घाटा उठाना पड़ा था।










