कोलकाता, 11 जून।
पश्चिम बंगाल सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने अब स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के लिए अलग-अलग मंत्रियों की नियुक्ति की है। इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी लाना है।
नई व्यवस्था के तहत वरिष्ठ भाजपा विधायक दीपक बर्मन को स्कूल शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है। यह प्रणाली ममता बनर्जी के पिछले 15 वर्षों के शासनकाल से काफी अलग है, जहाँ दोनों विभाग एक ही मंत्री के पास होते थे। हालांकि, राज्य के लिए यह मॉडल नया नहीं है, क्योंकि वाम मोर्चा सरकार के समय भी स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग मंत्री हुआ करते थे।
सरकार का मानना है कि स्कूल शिक्षा, जो बुनियादी आधार तैयार करती है, और उच्च शिक्षा, जो शोध व नवाचार पर केंद्रित है, दोनों की चुनौतियां बिल्कुल अलग हैं। पृथक नेतृत्व होने से इन विभागों में फाइलों के निपटारे, संसाधनों के आवंटन और नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन में सुधार आएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पुनर्गठन राज्य की शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।











