नई दिल्ली, 11 जून।
पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक पर्यटन पटल पर खुद को एक सुरक्षित और सुगम केंद्र के रूप में स्थापित किया है। यात्रियों को बेखौफ और यादगार सफर का अनुभव देने के लिए सरकार ने पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को पूरी तरह से आधुनिक बना दिया है। इस बदलाव के तहत अब पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है।
पर्यटन मंत्रालय ने यात्रियों की सहायता के लिए 24 घंटे काम करने वाली बहुभाषी हेल्पलाइन की शुरुआत की है। पर्यटक किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1363 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सेवा 12 अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध है, ताकि भाषा की रुकावट किसी की भी मदद में आड़े न आए।
जमीनी स्तर पर सुरक्षा को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से प्रमुख पर्यटन राज्यों में टूरिस्ट पुलिस की तैनाती की गई है। गोवा, केरल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर सहित देश के 15 राज्यों में यह विशेष बल सक्रिय है। इनका मुख्य काम पर्यटकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी और दुर्व्यवहार को रोकना है।
आधुनिक सुविधाओं और विशेष पुलिस बल की तैनाती का एकमात्र लक्ष्य हर यात्री को सुरक्षा का अहसास दिलाना है। सरकार का यह स्पष्ट विजन है कि चाहे पर्यटक देश के किसी भी कोने में घूमे, उसे हर संभव मदद हर समय अपने आसपास ही मिले।













