नई दिल्ली, 11 जून।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए न्यूजक्लिक वेबसाइट और उसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दर्ज मामलों को निरस्त कर दिया है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने इसे 'शक्तियों का दुरुपयोग' करार देते हुए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामलों को खारिज कर दिया। यह निर्णय प्रबीर पुरकायस्थ के लिए बड़ी कानूनी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रबीर पुरकायस्थ को अक्टूबर 2023 में दिल्ली पुलिस ने एक विदेशी अखबार की रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किया था। इससे पूर्व, 15 मई, 2024 को उच्चतम न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी को 'अवैध' घोषित करते हुए रिहा करने का आदेश दिया था, क्योंकि गिरफ्तारी के समय उन्हें लिखित आधार और हिरासत की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
ईओडब्ल्यू ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया था कि न्यूजक्लिक की कंपनी 'पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड' ने वर्ष 2018-19 में अमेरिकी कंपनी 'वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स' से कानून का उल्लंघन करते हुए 9 करोड़ 59 लाख रुपये की विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) राशि प्राप्त की थी। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत जांच चल रही थी। अब उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद न्यूजक्लिक मामले में चल रही कानूनी प्रक्रियाओं में बड़ा बदलाव आया है।









