प्रदेश में नई चर्चा यह है कि अब अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अधिकारियों को नियमित परीक्षा भी देनी होगी। ऐसे में कई साहब दुविधा में हैं कि रात गश्त में बिताएं या किताबों के बीच।अपराधी पकड़ें या प्रश्नपत्र हल करें। फिलहाल दोनों मोर्चों पर पास होने की चुनौती सामने है।














