भोपाल, 12 जून।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत पीएम स्वनिधि योजना के तहत पथ विक्रेताओं के आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के प्रयासों में मध्यप्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। क्रेडिट कार्ड आवेदन संग्रहण में राज्य ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक 10 हजार से अधिक क्रेडिट कार्ड आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे जा चुके हैं। इनमें से 900 से अधिक आवेदनों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 500 से अधिक लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं को अब तृतीय किश्त के ऋण के साथ-साथ क्रेडिट कार्ड सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं हितग्राहियों को मिलेगा जिन्होंने द्वितीय किश्त का सफल पुनर्भुगतान कर लिया है और तृतीय किश्त के लिए पात्र हैं। इसके अलावा वे विक्रेता भी पात्र होंगे जिन्होंने तृतीय किश्त का ऋण प्राप्त कर लिया है और जिनका ऋण खाता सक्रिय या पूर्ण रूप से चुकता है।
आवेदन के लिए आयु सीमा 21 से 65 वर्ष निर्धारित की गई है। क्रेडिट कार्ड सुविधा तृतीय किश्त के ऋण के अतिरिक्त दी जाएगी, जिससे लाभार्थी अपनी पात्रता के अनुसार ऋण, कार्ड या दोनों सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
वित्तीय नियमों के अनुसार आवेदक का किसी भी वित्तीय संस्था में डिफॉल्ट खाता नहीं होना चाहिए, हालांकि SMA-0 श्रेणी के खातों पर विचार किया जा सकेगा और क्रेडिट स्कोर की बाध्यता नहीं रखी गई है।
आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, सक्रिय बैंक खाता विवरण तथा पथ विक्रेता होने का प्रमाण पत्र आवश्यक होगा। यदि वर्तमान पता आधार से अलग है, तो उसका वैध प्रमाण भी देना होगा।
राज्य सरकार ने नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि स्वनिधि महोत्सवों और शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के आवेदन तेजी से बैंकों तक पहुंचाए जाएं, ताकि अंतिम छोर के वेंडर्स को समय पर आर्थिक लाभ मिल सके।












