अशोकनगर, 13 जून।
अशोकनगर जिले के बहुचर्चित कल्पना दांगी हत्याकांड में प्रथम अपर सत्र न्यायालय मुंगावली ने शनिवार को महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए सभी सात आरोपितों को दोषी करार दिया। अदालत ने प्रत्येक दोषी को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला वर्ष 2018 में बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम प्यासी में हुई एक जघन्य घटना से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार विवाद के बाद आरोपितों ने महिला के साथ मारपीट की और बाद में उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी महिला का उपचार के दौरान निधन हो गया था।
न्यायालय में विचारण के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपित पप्पू उर्फ अमान सिंह, राजू दांगी, मोहन सिंह, देवेन्द्र दांगी, रविन्द्र दांगी, मुल्लो बाई और सविता बाई के विरुद्ध आरोप प्रमाणित पाए गए। अदालत ने सभी को अपराध के लिए जिम्मेदार मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
प्रकरण की जांच में पुलिस द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, चिकित्सीय अभिलेख और गवाहों के बयान महत्वपूर्ण साबित हुए। जांच एजेंसी ने घटनाक्रम से जुड़े तकनीकी और अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए, जिन्हें अदालत ने महत्वपूर्ण आधार माना।
मामले में पीड़िता का मृत्यु पूर्व कथन भी अभियोजन पक्ष के लिए एक अहम साक्ष्य के रूप में सामने आया। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर सभी आरोपितों को भारतीय दंड संहिता की धारा 147 तथा 302/149 के तहत दोषी ठहराया।
अदालत के इस फैसले को हत्याकांड जैसे गंभीर अपराधों में सख्त न्यायिक कार्रवाई के महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।















