नागपुर, 13 जून।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 100 प्रतिशत एथेनॉल के उपयोग को कानूनी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने बताया कि सरकार का उद्देश्य देश को पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता से धीरे-धीरे मुक्त करना है। नए प्रावधान के बाद वाहन मालिकों के पास अपनी गाड़ियों में पेट्रोल के स्थान पर पूर्ण रूप से एथेनॉल उपयोग करने का विकल्प उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि एथेनॉल ईंधन के उपयोग से पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा और ईंधन पर होने वाला खर्च भी घट सकता है। सरकार वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देकर परिवहन क्षेत्र को अधिक किफायती और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया वाहनों सहित विभिन्न श्रेणियों के वाहनों में एथेनॉल उपयोग का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा देशभर में लगभग 350 एथेनॉल पंप स्थापित किए जा चुके हैं। अन्य तेल कंपनियों को भी इस नेटवर्क का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
कार्यक्रम में गडकरी ने विमानन क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि हवाई ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष स्थिरीकरण कोष बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत एटीएफ की कीमत 115 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है। इससे विमानन कंपनियों को संचालन में स्थिरता मिलने के साथ यात्रियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से राहत मिलने की संभावना है।
गडकरी ने कहा कि ऊर्जा, परिवहन और पर्यावरण से जुड़े ये कदम भविष्य में देश को अधिक टिकाऊ और स्वच्छ ईंधन आधारित व्यवस्था की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध होंगे।















