नई दिल्ली, 13 जून।
आर्थिक अपराध शाखा ने आवासीय परियोजना में फ्लैट और प्लॉट देने का झांसा देकर निवेशकों से बड़ी रकम वसूलने और बाद में फरार हो जाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उसके खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई चल रही थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिव नंदन सिंह यादव के रूप में हुई है। वह वर्ष 2019 में दर्ज मामलों के बाद से फरार चल रहा था। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के आधार पर उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि एक रियल एस्टेट कंपनी ने वर्ष 2013 में ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में आवासीय परियोजना शुरू करने का दावा किया था। कंपनी ने आकर्षक प्रचार और विकसित टाउनशिप का भरोसा देकर लोगों से निवेश कराया, लेकिन निर्धारित समय में न तो प्लॉट और फ्लैट उपलब्ध कराए गए और न ही निवेशकों की राशि लौटाई गई।
आर्थिक अपराध शाखा को प्राप्त शिकायतों के आधार पर वर्ष 2019 में कई प्रकरण दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि परियोजना के संबंध में निवेशकों को दी गई कई जानकारियां वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती थीं।
पुलिस के मुताबिक कंपनी ने बड़े पैमाने पर निवेश जुटाने के बाद परियोजना को अधूरा छोड़ दिया। मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और कंपनी की भूमिका की भी जांच की गई। अदालत द्वारा आरोपी को वर्ष 2023 में विभिन्न मामलों में भगोड़ा घोषित किया गया था।
शाखा की टीम लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। हाल ही में मिली जानकारी के आधार पर उसकी गतिविधियों का पता लगाया गया और कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर निवेश धोखाधड़ी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।















