नई दिल्ली, 13 जून।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा संचालन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और एकरूपता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से ‘परीक्षा कर्मयोगी’ नामक डिजिटल क्षमता-विकास कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के आईजीओटी कर्मयोगी भारत मंच पर उपलब्ध कराया गया है।
एनटीए की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह पाठ्यक्रम विशेष रूप से परीक्षा केंद्र अधीक्षकों, निरीक्षकों और उन अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है, जो एजेंसी द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं, विशेषकर नीट यूजी के संचालन से जुड़े रहते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े कर्मियों की दक्षता बढ़ाना और ऑफलाइन पेन-एंड-पेपर आधारित परीक्षाओं के संचालन को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और मानकीकृत बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को ध्यान में रखते हुए चार मॉड्यूल में विभाजित किया गया है। पहले मॉड्यूल में परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, निष्पक्षता सुनिश्चित करने और पारदर्शी संचालन में परीक्षा कर्मियों की भूमिका को विस्तार से समझाया गया है।
दूसरे मॉड्यूल में परीक्षा पूर्व तैयारियों, केंद्रों की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधन और मानक संचालन प्रक्रिया के अनुपालन से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर बेहतर समन्वय और तैयारियों को सुनिश्चित करना है।
तीसरे मॉड्यूल में परीक्षा दिवस के दौरान होने वाली गतिविधियों को चार अलग-अलग चरणों में विभाजित कर प्रस्तुत किया गया है। इसमें परीक्षा शुरू होने से पहले की व्यवस्थाओं, परीक्षा प्रारंभ होने के समय की जिम्मेदारियों, परीक्षा अवधि के दौरान की प्रक्रियाओं और परीक्षा समाप्त होने के बाद की औपचारिकताओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।
चौथे मॉड्यूल में अधिकारियों के लिए एक त्वरित संदर्भ मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई गई है, जिसमें प्रमुख निर्देशों और जिम्मेदारियों को संक्षिप्त रूप में समाहित किया गया है। इससे परीक्षा कर्मियों को आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
एनटीए के अनुसार, आईजीओटी कर्मयोगी भारत मंच पर उपलब्ध यह पाठ्यक्रम स्व-अध्ययन आधारित होगा और इसमें मूल्यांकन के बाद प्रमाणन की सुविधा भी दी जाएगी। इससे परीक्षा केंद्रों पर प्रक्रियाओं के बेहतर अनुपालन, संचालन क्षमता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एजेंसी का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की बड़ी परीक्षाओं के सफल और निष्पक्ष आयोजन में प्रशिक्षित परीक्षा कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। देशभर में परीक्षा संचालन के लिए समान मानकों की स्थापना की दिशा में यह पहल एनटीए की गुणवत्ता और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगी।
हाल के वर्षों में परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई सुधार लागू किए गए हैं। इसी क्रम में ‘परीक्षा कर्मयोगी’ कार्यक्रम को प्रशिक्षित और प्रमाणित मानव संसाधन विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














