भोपाल, 13 जून।
मध्यप्रदेश में मानसून के आगमन से पहले मौसम ने अचानक करवट ले ली। शनिवार शाम भोपाल, नर्मदापुरम, इटारसी, सीहोर, नरसिंहपुर, पचमढ़ी और पिपरिया सहित कई इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश हुई। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, हालांकि कई स्थानों पर तेज हवाओं ने नुकसान भी पहुंचाया।
राजधानी भोपाल में शाम के समय पहले धूलभरी आंधी चली और उसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं और बादलों के कारण कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। शहर में कुछ स्थानों पर धूप और बारिश एक साथ दिखाई देने का अनोखा दृश्य भी देखने को मिला।
सबसे अधिक असर इटारसी और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिला। तेज हवा और बारिश के चलते कई पेड़ उखड़ गए तथा बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा। न्यू यार्ड रेलवे अस्पताल परिसर में खड़ी एक एंबुलेंस पर विशाल पेड़ गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात रही कि उस समय एंबुलेंस में कोई मौजूद नहीं था।
ग्राम घुघवासा में बिजली विभाग का एक आउटसोर्स कर्मचारी भी हादसे का शिकार होते-होते बच गया। तेज हवा के दौरान उसकी बाइक पर पेड़ गिर गया, हालांकि उसने समय रहते खुद को सुरक्षित बचा लिया।
इटारसी के उत्सव मेले में भी आंधी का असर देखने को मिला। मेले का मुख्य प्रवेश द्वार उखड़ गया, कई स्थानों पर टीन शेड उड़ गए और होर्डिंग्स सड़कों पर गिर पड़े। कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी रही। एमजीएम कॉलेज के मुख्य द्वार पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ।
वहीं सीहोर, नरसिंहपुर, पचमढ़ी और पिपरिया में भी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों ने राहत महसूस की।
मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा भोपाल सहित 40 से अधिक जिलों में गरज-चमक और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
विभाग ने सीहोर, ग्वालियर, भिंड, जबलपुर, दमोह और सागर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कई जिलों में गर्मी का असर बने रहने की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश में मौसम सक्रिय हुआ है। अनुकूल परिस्थितियां बनी रहने पर 15 से 18 जून के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के मध्यप्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है।















