नागपुर, 13 जून।
देश के प्रख्यात निशानेबाज और पद्मश्री से सम्मानित जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शोक व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया है।
संघ ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि साझा की। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी खेल प्रतिभा से न केवल भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया, बल्कि देश के खेल जगत को एक नई राह भी दिखाई। वे एक अर्जुन पुरस्कार विजेता और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त प्रतिष्ठित कोच थे।
बीते शुक्रवार दिल्ली के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। म्यूनिख आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से वापसी के दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जन्में जसपाल राणा का शुरुआती मार्गदर्शन उनके पिता नारायण सिंह राणा ने किया था। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अपनी क्षमता का लोहा मनवा लिया था।
उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की झोली में कई स्वर्ण पदक डाले। कॉमनवेल्थ में उनके नाम 9 स्वर्ण सहित कुल 15 पदक दर्ज हैं। उन्हें 1994 में अर्जुन पुरस्कार और 1997 में पद्मश्री से नवाजा गया था।














