नई दिल्ली, 13 जून।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने जनसंख्या में आ रहे असामान्य बदलावों की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति को सीमावर्ती जिलों का गहन अध्ययन करने का निर्देश दिया है।
शनिवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में गृह मंत्री ने समिति के सदस्यों को केवल सीमावर्ती क्षेत्र ही नहीं, बल्कि बड़े मेट्रो शहरों और प्रमुख औद्योगिक कस्बों का भी दौरा करने को कहा है। इन इलाकों में जमीनी स्थिति का आकलन कर समिति को अपनी रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने गत माह सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में इस विशेष समिति का गठन किया था। प्रधानमंत्री ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर इस समिति के गठन की घोषणा की थी।
इस समिति का मुख्य कार्य देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन के कारणों, स्वरूपों और उनके व्यापक प्रभावों का विश्लेषण करना है। यह समिति अपनी अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर सरकार को भविष्य के लिए नीतिगत सुझाव भी प्रदान करेगी।
इसका उद्देश्य देश में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकी से जुड़े जटिल मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस निष्कर्ष निकालना है। सरकार की कोशिश है कि डेटा आधारित सुझावों के जरिए भविष्य की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।















