तूतीकोरिन, 13 जून।
तमिलनाडु सरकार ने खरीफ की फसल को देखते हुए तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन के किसानों के लिए राहत का ऐलान किया है। सरकार ने पापनासम, सर्वलार और मणिमुथार बांधों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का निर्णय लिया है।
यह जल आपूर्ति 15 जून से 13 अक्टूबर तक, यानी कुल 121 दिनों तक जारी रहेगी। इसके लिए नहरों का जाल बिछाया गया है, जिससे हजारों एकड़ भूमि को पानी मिल सकेगा। तिरुनेलवेली में उत्तर कोडई मेलअझगियान और कन्नडियन सहित कई नहरों से पानी खेतों तक पहुंचेगा।
वहीं, तूतीकोरिन जिले के मरुदूर और वडक्काल्वाई जैसे क्षेत्रों में नौ नहर प्रणालियों के जरिए जल पहुंचाया जाएगा। सरकार ने कुल 6,086.83 मिलियन घन फुट पानी छोड़ने की मंजूरी दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल का उपयोग पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से हो ताकि बर्बादी न हो।
इस योजना से करीब 36,521 एकड़ कृषि भूमि को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों में इस फैसले से काफी खुशी है, क्योंकि उन्हें समय पर पानी मिलने से बुवाई का काम समय से पूरा हो सकेगा। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ ही कृषि अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, कावेरी डेल्टा क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें अभी भी बनी हुई हैं। मेट्टूर बांध में पर्याप्त जल न होने के कारण वहां से समय पर पानी नहीं छोड़ा जा सका है। मेट्टूर बांध का जलस्तर फिलहाल 90 फीट के बजाय केवल 79.62 फीट है, जो डेल्टा के लाखों किसानों के लिए चिंता का विषय है।
अधिकारियों का कहना है कि बांध में पानी की आवक बहुत कम है। मानसून की प्रगति पर ही अब डेल्टा क्षेत्र का भविष्य टिका है। स्थानीय किसान संगठनों ने सरकार से जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।














