ब्रातिस्लावा, 15 जून।
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने यूक्रेन को दी गई सैन्य सहायता के एवज में अब बड़ा कदम उठाने का फैसला लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका देश अब यूरोपीय संघ से इसके बदले में वित्तीय अथवा सैन्य मुआवजा मांगेगा।
फिको ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने यूक्रेन को हथियार देकर जनता को गुमराह किया था, जिससे स्लोवाकिया की सुरक्षा क्षमता पर गंभीर संकट पैदा हो गया। तत्कालीन सरकार के फैसलों ने देश को रक्षा के मोर्चे पर बेहद असुरक्षित स्थिति में ला खड़ा किया था।
यूक्रेन संघर्ष के दौरान स्लोवाकिया ने मिग-29 लड़ाकू विमान, एस-300 सिस्टम और टैंक जैसे आधुनिक उपकरण कीव भेजे थे। इन हथियारों का बाजार मूल्य लगभग 700 मिलियन यूरो था, जिसकी भरपाई के वादे को फिको ने अपर्याप्त करार दिया है।
प्रधानमंत्री आगामी ईयू शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को मजबूती से रखेंगे। उनका तर्क है कि जर्मनी और अन्य पश्चिमी देशों ने हथियारों की भरपाई का जो आश्वासन दिया था, वह जमीन पर पूरा नहीं हो पाया है।
रूस-यूक्रेन नीति पर अपनी मुखरता के लिए जाने जाने वाले फिको ने यूरोपीय संघ की प्रतिबंधात्मक नीतियों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि इन फैसलों से यूरोप की आर्थिक स्थिति और ऊर्जा लागत पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसे नजरअंदाज करना गलत है।















