तेल अवीव, 15 जून।
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते को लेकर इजराइल ने कड़ा रुख अपना लिया है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका देश इस समझौते का पालन करने के लिए बाध्य नहीं है।
मंत्री ने कहा कि इज़राइल लेबनान में सक्रिय हिज़्बुल्लाह के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के अपने संकल्प पर अडिग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे, जो उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करता हो।
इस समझौते पर 19 जून को स्विट्ज़रलैंड में हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिसमें सैन्य अभियानों को रोकने का प्रस्ताव शामिल है। बेन-गवीर ने जोर देकर कहा कि उनकी सेना ने जिन इलाकों को आतंकवादी बुनियादी ढांचे से मुक्त कराया है, वहां से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
बेन-गवीर ने कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति के समर्थन का सम्मान करते हैं, लेकिन इज़राइल कोई कमजोर राष्ट्र नहीं है। उन्होंने अतीत के समझौतों का हवाला देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव में किए गए फैसलों के कारण उन्हें पहले भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़े हैं।
इज़राइल का मानना है कि उत्तरी बस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य कार्रवाई जारी रखना जरूरी है। लेबनानी अधिकारी इजराइली हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बता रहे हैं, लेकिन तेल अवीव फिलहाल अपने सैन्य रुख में किसी भी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है।















