सोनभद्र, 15 जून।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में लगभग 9 वर्ष पुराने एक संगीन मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने सोमवार को अपना अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने महिला के साथ दुष्कर्म और आपराधिक षड्यंत्र के दोषी जगदेव शर्मा उर्फ जयदेव शर्मा और उसके सहयोगी लालू शर्मा उर्फ जनार्दन शर्मा को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषियों पर एक लाख 500 रुपये का भारी अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोनों को अतिरिक्त 6-6 महीने की कैद भुगतनी होगी।
मामले के अनुसार, 27 अप्रैल 2017 को पीड़िता ने रॉबर्ट्सगंज थाने में तहरीर दी थी। पीड़िता का आरोप था कि वह बीमारी के इलाज के लिए ओझाई कराने गई थी, जहाँ आरोपी जगदेव शर्मा ने उसे सुनसान इलाके में ले जाकर जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और जान से मारने की धमकी दी। इस अपराध में लालू शर्मा भी उसका सहयोगी था। पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने 9 गवाहों के बयान और पत्रावली का बारीकी से अवलोकन किया। दोषसिद्ध पाए जाने पर अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अर्थदंड की राशि में से आधी रकम पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी।















