15 जून, पटना।
बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग जगत से जुड़े एक बड़े मामले में पटना सिविल कोर्ट ने ज्ञानबिंदु संस्थान के संचालक रौशन आनंद को बड़ी राहत दी है। एडीजे-33 की अदालत में लंबी कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के उपरांत न्यायालय ने उन्हें सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।
उल्लेखनीय है कि निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद संचालक ने जिला जज की शरण ली थी। पिछली पेशी पर वादी पक्ष द्वारा समय की मांग किए जाने के कारण फैसले को सोमवार तक के लिए सुरक्षित रखा गया था। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने मामले के विभिन्न पहलुओं का आकलन करने के बाद यह आदेश सुनाया।
यह विवाद खान सर के संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज में हुई तोड़फोड़ और पथराव की घटना के बाद चर्चा में आया था। संस्थान प्रबंधन की ओर से रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संचालक को बेऊर जेल भेज दिया था। इस प्रकरण में तब हलचल मच गई थी जब सह-आरोपी प्रिंस यादव की नेपाल में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला था और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया था।
















