नई दिल्ली, 15 जून।
अमेरिका और ईरान के मध्य पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने के लिए बनी सहमति पर भारत ने खुशी जताई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे संघर्ष का अंत हो सकेगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इस गतिरोध के कारण दुनिया भर में आर्थिक संकट और जनहानि जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हुई थीं। उन्हें उम्मीद है कि इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र में फिर से शांति और स्थिरता लौटेगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस पहल के माध्यम से वैश्विक व्यापार और समुद्री मार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सकेगी। भारत का मानना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य बनाने में मददगार साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने आशा जताई है कि जो भी मुद्दे अभी लंबित हैं, उन पर निरंतर बातचीत होती रहेगी। इससे एक स्थायी और मजबूत समझौते का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में भविष्य में दीर्घकालिक शांति कायम रह सकेगी।
यह प्रतिक्रिया तब सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को लेकर एक सहमति का ढांचा तैयार होने की खबरें आई हैं।















