जेवर, 15 जून।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए 25 वर्षों का लंबा इंतजार आज समाप्त हो गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यात्री विमानों ने पहली बार उड़ान भरकर एक नया अध्याय लिख दिया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने बेंगलुरु जाने वाली पहली फ्लाइट को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान लखनऊ से आई एक विशेष वीआईपी उड़ान में सवार 75 दिग्गज व्यापारियों ने भी इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।
अभी शुरुआत में यहां से लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद और अमृतसर के लिए हवाई सेवा शुरू हुई है। इंडिगो की पहली उड़ान में यात्रियों की संख्या काफी उत्साहजनक रही। इस विशाल विमानन केंद्र का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था। निर्माण के सभी चरण पूरे होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में अग्रसर है।
नियमित उड़ानों का दायरा जल्द ही बढ़ेगा। 1 जुलाई से यहां से 16 शहरों के लिए विमान सेवा शुरू हो जाएगी। रोजाना 3900 मीटर लंबे रनवे से 28 विमानों का आवागमन होगा। 16 जून को इंडिगो जम्मू और अकासा एयर नवी मुंबई-बेंगलुरु के लिए अपनी सेवा शुरू करेंगी। जुलाई के पहले दिन से भोपाल, जयपुर और बरेली जैसे शहरों के लिए भी सीधी उड़ानें उपलब्ध हो जाएंगी।
उड़ानों के अलावा 17 जून से यहां कार्गो सेवा का भी श्रीगणेश हो जाएगा। 30 एकड़ में फैले कार्गो हब की क्षमता सालाना 2.55 लाख मेट्रिक टन है। यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यूपी और हरियाणा रोडवेज की बसें सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचेंगी। साथ ही, अत्याधुनिक सेल्फ चेक इन मशीनों के माध्यम से यात्री बिना किसी कतार के बोर्डिंग पास प्राप्त कर सकेंगे।
लगभग 1.37 लाख वर्ग मीटर में बना यह टर्मिनल भवन पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से लैस है। इसमें 48 चेक-इन काउंटर, 20 सेल्फ बैगेज ड्रॉप और नौ सिक्योरिटी लेन की व्यवस्था की गई है। 10 एयरोब्रिज और आधुनिक बोर्डिंग गेट के साथ यह एयरपोर्ट यात्री सुविधाओं के मामले में विश्वस्तरीय मानक स्थापित करेगा।













