नई दिल्ली, 15 जून।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। वैश्विक नेताओं ने इसे एक बड़ी कूटनीतिक जीत करार दिया है, जिससे पश्चिमी एशिया में लंबे समय से व्याप्त तनाव के छंटने की उम्मीद जगी है।
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने इस सहमति का स्वागत किया है। उन्होंने शांति वार्ता को सफल बनाने में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निभाई गई भूमिका की सराहना की है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित होगी और होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग फिर से खुल सकेगा।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी इस समझौते पर संतोष व्यक्त किया है। उनके अनुसार, यह एक ऐसी कूटनीतिक उपलब्धि है जिसके दूरगामी वैश्विक परिणाम होंगे।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समझौते को शीघ्रता से लागू करने का आह्वान किया है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी प्रतिबंध के फिर से खोला जाना बेहद जरूरी है।












