कोलकाता, 15 जून।
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले सुमित राय ने अपनी गिरफ्तारी को टालने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय की शरण ली है। सुमित राय के वकीलों ने सोमवार को न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की अदालत में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत की गुहार लगाई और मामले पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया है। कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है।
सुमित राय का नाम पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले में सामने आया है। उन पर कथित तौर पर वसूली, जमीन की धोखाधड़ी और चुनावी टिकट के बदले पैसे लेने जैसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस इन तमाम आरोपों को लेकर उनसे पूछताछ करना चाहती है।
शनिवार तड़के शालबनी पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया था। पुलिस का दावा था कि सुमित राय के मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन वहीं ट्रेस हुई थी। हालांकि, घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे और सुमित राय नहीं मिल सके।
पुलिस की बढ़ती सख्ती को देखते हुए सुमित राय ने कानूनी दांव चला है। जानकारी के अनुसार, मेदिनीपुर की एक निचली अदालत ने पहले ही सुमित राय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखा है। अब सबकी निगाहें उच्च न्यायालय की सुनवाई पर टिकी हैं कि उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिलती है या नहीं।
















