राज्यसभा चुनाव के बाद विपक्ष की हालत उस परिवार जैसी हो गई है, जहां चोरी बाहर से नहीं, भीतर से होने का शक हो। सत्ता पक्ष के मुखिया ने मुस्कुराते हुए इतना भर कह दिया कि "जानकारी तो विपक्ष के ही किसी शुभचिंतक ने पहुंचाई थी।"
बस फिर क्या था, हार का पोस्टमार्टम छोड़ विपक्ष अब अपने-अपने घरों में विभीषण खोज अभियान चला रहा है। जिसने ज्यादा निष्ठा दिखाई, वही सबसे ज्यादा संदेह के घेरे में है।
















