नई दिल्ली, 18 जून।
केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत इस वित्तीय वर्ष में 6,208 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है। यह राशि प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की गई है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में अब तक 6,208.08 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इस राशि से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से लगभग 47.53 लाख छात्रों को लाभ मिला है।
विभाग के अनुसार, डीबीटी लागू होने के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा वितरण है, जिससे छात्रवृत्ति प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 1 अप्रैल से 31 मई 2026 की अवधि के दौरान लाभार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।
इसके अलावा, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत भी केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 562.36 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिससे लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिला है।
मंत्रालय के अनुसार, डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और प्रणाली अधिक पारदर्शी बनी है।
सरकार का कहना है कि छात्रवृत्ति योजनाओं का उद्देश्य वंचित वर्ग के छात्रों को शिक्षा में सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। इन प्रयासों से शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है और लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
















