श्रीनगर, 18 जून।
जम्मू-कश्मीर में आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरे साबित हो सकते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए समूचे प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम के अस्थिर रहने की आशंका जताई है। इस दौरान अलग-अलग संभागों और जिलों में रुक-रुक कर झमाझम बारिश, धूलभरी आंधी और चक्रवाती हवाएं चलने की प्रबल उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी 18 जून से लेकर 22 जून तक घाटी और जम्मू संभाग में आमतौर पर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। इस अवधि में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा के साथ-साथ कुछ चुनिंदा इलाकों में कम समय के लिए अत्यंत भारी बारिश, ओलावृष्टि, आसमानी बिजली कड़कने और तीव्र गति से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद, 23 जून से 25 जून तक भी मौसम के मिजाज में कोई बड़ा सुधार होने की उम्मीद नहीं है; इस दौरान भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार बने हुए हैं।
बिगड़ते हालात को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने आम जनता और किसानों के लिए एक विशेष एडवाइजरी (सलाह) जारी की है। बागवानों को सुझाव दिया गया है कि वे सेब और अन्य फलों के बागों में कीटनाशक स्प्रे का छिड़काव केवल सुबह के वक्त ही करें। इसके अलावा, आम नागरिकों को हिदायत दी गई है कि वे आंधी-तूफान के समय अस्थाई और कमजोर ढांचों, बिजली के खंभों, ढीले तारों और पुराने जर्जर पेड़ों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
प्रशासन ने डल झील सहित अन्य जलाशयों में आंधी और तेज हवाओं के दौरान बोटिंग और शिकारा की सवारी पर पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर वकालत की है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए साफ किया है कि अगले पांच दिनों के भीतर अचानक होने वाली तेज मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
















