जयपुर, 18 जून।
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में सरकारी दवाइयों की चोरी और अवैध बिक्री का बड़ा मामला सामने आया है, जहां ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर पर तैनात संविदा फार्मासिस्ट सहित दो लोगों को रंगे हाथ पकड़कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है।
मामले में सामने आया है कि अस्पताल के स्टोर से महंगी दवाइयां, इंजेक्शन, सीरिंज और नॉर्मल सलाइन की बोतलें चोरी कर बाहर बेची जा रही थीं। यह पूरा खेल चरक भवन वेयरहाउस और डीडीसी काउंटर के माध्यम से चलाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार संविदा फार्मासिस्ट बबन ने बाहरी युवक मनोज कुमार यादव के साथ मिलकर सरकारी दवाइयों को कम कीमत पर बेचने की योजना बनाई थी। आरोप है कि लगभग 10 हजार रुपये की दवाइयां मात्र 1500 रुपये में बेच दी गईं, जिसका भुगतान डिजिटल माध्यम से किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने स्टोर और काउंटर से अलग-अलग दवाइयां निकालकर उन्हें एक बड़े डिब्बे में पैक किया और मनोज के बैग में रख दिया, ताकि उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर ले जाया जा सके।
इसी दौरान सुरक्षा एजेंसी के गार्डों को गोपनीय सूचना मिलने पर दोनों संदिग्धों पर नजर रखी गई। जब वे मुख्य द्वार की ओर दवाइयों से भरा बैग लेकर पहुंचे तो उन्हें रोककर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में एंटीबायोटिक इंजेक्शन और अन्य दवाइयां बरामद हुईं।
शुरुआत में आरोपी ने मरीज के उपचार का बहाना बनाया, लेकिन संबंधित डॉक्टर के इनकार के बाद पूरा मामला उजागर हो गया और दवाइयों की चोरी की पुष्टि हो गई।
अस्पताल प्रशासन ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है और पुलिस ने दवाइयां जब्त कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह दवाइयों की अवैध बिक्री की गई थी।
















