सुपौल, 19 जून।
बिहार के सुपौल जिले में प्रतापगंज थाना से जुड़ा बड़ा मालखाना घोटाला सामने आया है, जिसमें हजारों की संख्या में जब्त कफ सिरप बोतलें गायब पाए जाने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
जांच में पता चला कि थाना मालखाने में जब्त 7560 कोडीन युक्त कफ सिरप बोतलों में से केवल 1390 बोतलें ही मौजूद थीं, जबकि 6162 बोतलें गायब पाई गईं।
विशेष जांच टीम द्वारा की गई पड़ताल में यह भी सामने आया कि मालखाने में अन्य ब्रांड की हजारों नई बोतलें रखकर रिकॉर्ड मिलाने की कोशिश की गई थी।
जांच के दौरान मालखाने से जब्त वाहनों के पार्ट्स, बैटरियां और अन्य सामान भी गायब पाए गए, जबकि कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिले।
पूछताछ में एक चौकीदार ने खुलासा किया कि कफ सिरप को मालखाने से निकालकर अवैध रूप से बेचा जाता था और उससे प्राप्त राशि आपस में बांटी जाती थी।
मामले में थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है, जबकि चौकीदार समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार मामले में एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है और अन्य कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

















