मुजफ्फरपुर, 20 जून।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मीनापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर में जमीनी विवाद के चलते एक युवक पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। गंभीर रूप से जख्मी शख्स को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वारदात का शिकार हुआ अजीत कुमार (40 वर्ष) साल 2019 में हुए अपने बड़े भाई अखिलेश राय के हत्याकांड का मुख्य गवाह है। पाटीदारों के साथ करीब 47 बीघा पैतृक जमीन का झगड़ा चल रहा है। आरोपी पक्ष अजीत पर अदालत में गवाही न देने का लगातार दबाव बना रहा था।
हैरान करने वाली बात यह है कि शनिवार को ही इस मामले में दोनों पक्षों को राजस्व अधिकारी के समक्ष पेश होना था। प्रशासन की तरफ से जमीन की पैमाइश और कागजातों की जांच की तैयारियां पूरी थीं। इस सुनवाई से ठीक पहले शुक्रवार की देर रात हमलावरों ने वारदात को अंजाम दे दिया।
घायल अजीत के मुताबिक, वे रात को अपने घर के दरवाजे पर सो रहे थे। इसी दौरान पड़ोस के परिवार के पांच से छह युवक हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे। हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाते हुए अंधाधुंध चार गोलियां दागीं। गोलियों की आवाज सुनकर जब तक परिजन बाहर आए, आरोपी भाग चुके थे।
अस्पताल के डॉक्टर अमृतांशु प्रांजल ने बताया कि शरीर से काफी खून बह जाने के कारण मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक है। पीड़ित के शरीर के अंदर एक गोली अभी भी फंसी है, जिसे ऑपरेशन के जरिए बाहर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने फौरन मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू कर दी है। घायल के बयानों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में संलिप्त तीन पड़ोसियों को हिरासत में ले लिया है।
















