इम्फाल, 20 जून।
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने अपना शिकंजा कस दिया है। पुलिस और जांबाजों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के कई सक्रिय उग्रवादियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान उग्रवादी गुट में जबरन भर्ती किए जा रहे एक मासूम किशोर को भी सुरक्षित छुड़ाया गया है।
यह बड़ी कार्रवाई राज्य में हुए उखरूल पीएनबी बैंक डकैती, हथियार लूट, जिरीबाम में महिला की हत्या, चार लोगों के अपहरण व कत्ल, सीआरपीएफ पर हमले और मुख्यमंत्री के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमलों की जांच के दौरान अमल में लाई गई है। इसी कड़ी में पुलिस ने चुराचांदपुर के सोंगपी गांव से यूकेएनए के एक सक्रिय किशोर कैडर को अपनी कस्टडी में लिया है।
सुरक्षा बलों ने इंफाल पश्चिम के अलग-अलग इलाकों से केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के दो अहम सदस्यों को दबोचा है, जिनमें संगठन का स्वयंभू कैप्टन व मुख्य वसूलीकर्ता वांगखेम प्रेमजीत सिंह और सुरेनसांगबाम बुंगचा शामिल हैं। वहीं आईएसबीटी कॉम्प्लेक्स से आरपीएफ/पीएलए के सक्रिय कैडर आरके सोलोमन सिंह और उसके मददगार को दबोचकर एक लड़के को इनके चंगुल से मुक्त कराया गया।
इसके अलावा इंफाल पूर्व के कोंगबा बाजार से आरपीएफ/पीएलए का स्वयंभू लेफ्टिनेंट कर्नल और इंटेलिजेंस प्रभारी सरांगथेम जयेंता मीतेई भी कानून के हत्थे चढ़ गया। पकड़े गए इन शातिर उग्रवादियों के पास से पुलिस ने कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज, नकदी और एक बोलेरो गाड़ी जब्त की है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं।
















