कोलकाता, 20 जून।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां शनिवार सुबह स्थानीय पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक जहांगीर खान की फरार पत्नी रेजिना बीबी को धर दबोचा। पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रेजिना बीबी पिछले कई दिनों से अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रही थीं। उन पर बेहद गंभीर आरोप है कि उन्होंने अपने पति को पुलिस हिरासत से जबरन आजाद कराने की एक हिंसक साजिश का न केवल मुख्य नेतृत्व किया, बल्कि उनके ही उकसावे पर उग्र भीड़ ने फलता पुलिस स्टेशन का घेराव कर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले का प्रयास भी किया था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने रेजिना बीबी के खिलाफ सख्त हथियार अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम सहित भारतीय न्याय संहिता की कई अन्य संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की तफ्तीश कर रहे अधिकारियों का साफ कहना है कि थाने पर घेराव और हमले की यह पूरी पटकथा बेहद सुनियोजित तरीके से पहले ही लिख दी गई थी, जिसमें रेजिना बीबी की भूमिका सबसे मुख्य सूत्रधार के रूप में उभरकर सामने आई है।
उल्लेखनीय है कि रेजिना बीबी के पति जहांगीर खान हालिया विधानसभा चुनाव में फलता निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे थे। अपने आक्रामक चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने फिल्मी अंदाज में खुद को 'पुष्पा' बताते हुए जनता के बीच यह दावा किया था कि वे किसी भी दबाव के आगे कभी झुकने वाले नहीं हैं, हालांकि इस कड़े चुनावी मुकाबले में राज्यभर के साथ-साथ फलता सीट पर भी तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। फलता विधानसभा सीट पर निर्वाचन आयोग द्वारा दोबारा मतदान (पुनर्मतदान) कराए जाने की आधिकारिक घोषणा के बाद जहांगीर खान ने खुद को अचानक इस चुनावी दौड़ से पूरी तरह अलग कर लिया था, जिसके बाद हुए मतदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार ने रिकॉर्ड मतों के अंतर से ऐतिहासिक जीत हासिल की और तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गए।
विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित चल रहे जहांगीर खान की तलाश में पुलिस काफी समय से लगातार छापेमारी कर रही थी, जिसके बाद एक खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें नेपाल सीमा के नजदीक से दबोचने में कामयाबी हासिल की थी। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस द्वारा जहांगीर खान को हाफ पैंट पहनाकर और कमर में मोटी रस्सी बांधकर फलता की मुख्य सड़कों पर सार्वजनिक रूप से घुमाया गया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हुआ था। पुलिस की इसी कार्रवाई और कथित रूप से पूर्व विधायक के अपमान के विरोध में उनकी पत्नी रेजिना बीबी के नेतृत्व में समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर हिंसक प्रदर्शन शुरू किया था।
खुफिया और पुलिस सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, जहांगीर खान को फलता थाने की कस्टडी से भगाने की यह पूरी योजना पूरी तरह से पूर्व नियोजित थी, जिसे अमलीजामा पहनाने के लिए घटना से ठीक एक दिन पहले रेजिना बीबी की व्यक्तिगत अध्यक्षता में एक गुप्त रणनीतिक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में बकायदा यह तय किया गया था कि फलता थाने से तकरीबन तीन किलोमीटर की दूरी पर भारी संख्या में समर्थकों को गुपचुप तरीके से इकट्ठा किया जाएगा और फिर वहां से हथियारों से लैस होकर एक साथ संगठित रूप से थाने पर धावा बोलकर जहांगीर खान को पुलिस के चंगुल से छुड़ा लिया जाएगा।
इस पूरे हिंसक घटनाक्रम और कानून व्यवस्था को हाथ में लेने के मामले में पुलिस अब तक सख्त रुख अपनाते हुए कुल 25 उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, और अब मुख्य आरोपी रेजिना बीबी की इस ताजा गिरफ्तारी के बाद पुलिसिया कार्रवाई और धरपकड़ का यह अभियान और ज्यादा तेज कर दिया गया है।
गौरतलब है कि बीते बुधवार को फलता क्षेत्र में आयोजित एक जन कल्याण शिविर के मंच से प्रदेश के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उपद्रवियों को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा था कि राज्य में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, उग्रवाद या कानून विरोधी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंच से ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) को यह कड़े निर्देश जारी किए थे कि थाने पर हुए हमले के सीसीटीवी और वीडियो फुटेज खंगालकर उसमें नजर आने वाले प्रत्येक दंगाई के खिलाफ सख्त देशद्रोह की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
















